उम्र महज़ 25 साल, जुर्म के खाते में 18 मुकदमे! नशे की 15 ग्राम पुड़िया ने खोली अपराध की लंबी फाइल!!
उम्र महज़ 25 साल, जुर्म के खाते में 18 मुकदमे! नशे की 15 ग्राम पुड़िया ने खोली अपराध की लंबी फाइल!!
Anam Ibrahim
Journalist-007
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चौथी जमात की तालीम, जरायम की दुनिया में 18 मुकदमों का तजुर्बा! डेढ़ लाख की ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तारी; सवाल सिर्फ एक बदमाश का नहीं, उस नशे के कारोबार का है जिसकी जड़ें कब से तलाश रही है इंदौर क्राइम ब्रांच??!
BBC-OF-INDIA
हलाल खबरों का कसाईखाना
अपराध की दुनिया में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जिनकी उम्र देखकर इंसान उनके भविष्य का अंदाज़ा लगाता है, लेकिन जब उनके अतीत की फाइल खुलती है तो माथे पर शिकन आ जाती है। इंदौर में 25 साल के मनोज उर्फ मन्नू की गिरफ्तारी ऐसी ही एक तफ्तीश का हिस्सा है। चौथी कक्षा तक पढ़ाई, पेशा मजदूरी और पुलिस रिकॉर्ड में 18 आपराधिक प्रकरण! सवाल यह है कि जिस उम्र में नौजवान अपने मुस्तकबिल की बुनियाद रखते हैं, उस उम्र में कोई जुर्म की इतनी लंबी फेहरिस्त कैसे बना लेता है?
हनुमान मंदिर के पास खड़ा था संदिग्ध, पुलिस को देखकर बदला मिज़ाज
दिनांक 04 नवंबर 2026 को इंदौर की राजकुमार सब्जी मंडी स्थित हनुमान मंदिर के पास क्राइम ब्रांच की टीम गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक शख्स पुलिस को देखकर हड़बड़ाने लगा। शक गहराया तो टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में उसकी पहचान मनोज उर्फ मन्नू, निवासी निरंजनपुर, इंदौर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 15 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर थाना अपराध शाखा इंदौर में अपराध क्रमांक 0183/2026, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है।
18 मुकदमों का अतीत, 25 साल की उम्र और जुर्म का सिलसिला!
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मनोज उर्फ मन्नू के विरुद्ध पहले से लगभग 18 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, चोरी, लूट, अड़ीबाजी, मारपीट और डकैती की तैयारी जैसे मामले शामिल हैं।
वर्ष 2005 में जुआ एक्ट से शुरू हुआ आपराधिक रिकॉर्ड 2006 में मारपीट और धमकी के प्रकरण तक पहुंचा। इसके बाद 2018 से 2025 के बीच चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, अड़ीबाजी और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज होते रहे।
रिकॉर्ड में वर्ष 2022 में राऊ थाने का अपराध क्रमांक 66/22, आर्म्स एक्ट तथा आईपीसी की धारा 399, 402 के तहत दर्ज मामला भी शामिल है। वर्ष 2025 में तुकोगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/27 के तहत भी प्रकरण दर्ज होना बताया गया है।
यानी पुलिस रिकॉर्ड में अपराध के अलग-अलग अध्याय दर्ज हैं। हालांकि मुकदमा दर्ज होना दोषसिद्धि नहीं है, लेकिन इतनी कम उम्र में इतने आपराधिक प्रकरण समाज के सामने एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा करते हैं।
15 ग्राम की बरामदगी, मगर पुलिस की निगाहें उस नेटवर्क पर!
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई है। पुलिस अब आरोपी से ब्राउन शुगर के स्रोत, सप्लायरों और नशे के नेटवर्क के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है।
आखिर यह ज़हर कहां से आया? इसके पीछे कौन लोग हैं? क्या कोई सप्लाई चेन सक्रिय है? और नशे के इस कारोबार की गिरफ्त में कितने और चेहरे हैं? फिलहाल इन सवालों के जवाब विवेचना के बाद ही सामने आएंगे।
चार करोड़ से अधिक की जब्ती, फिर भी नशे का कारोबार चुनौती!
क्राइम ब्रांच इंदौर के मुताबिक 01 जनवरी 2026 से 04 नवंबर 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 85 प्रकरणों में 189 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन कार्रवाइयों में 3.38696 किलोग्राम एमडी ड्रग्स, 36.52 किलोग्राम गांजा, 500 किलोग्राम भांग, 426.28 ग्राम ब्राउन शुगर और 10 ग्राम कोकीन सहित लगभग 4 करोड़ 40 लाख 7 हजार रुपये मूल्य के मादक पदार्थ एवं वाहन जब्त किए गए हैं।
आखिरी सवाल उस समाज से, जो नशे के कारोबार को सिर्फ पुलिस की फाइल समझकर भूल जाता है!
एक तरफ 25 साल का नौजवान, दूसरी तरफ 18 आपराधिक प्रकरणों का पुलिस रिकॉर्ड और तीसरी तरफ करोड़ों रुपये के मादक पदार्थों की जब्ती। यह आंकड़े सिर्फ कार्रवाई की गिनती नहीं, उस सामाजिक संकट की तरफ भी इशारा करते हैं जहां नशे का कारोबार नई पीढ़ी के भविष्य को निगलने की ताक में बैठा है।
मुजरिम पकड़ा गया है, माल बरामद हुआ है, लेकिन असली तसल्ली उस दिन होगी जब इस कारोबार के पीछे छिपे सप्लायरों और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।
क्योंकि नशे का सौदागर सिर्फ पुड़िया नहीं बेचता, वह किसी मां की उम्मीद, किसी पिता का बुढ़ापा और किसी नौजवान का आने वाला कल भी गिरवी रखता है!
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