आम इत्तेला भोपाल: आज बाद नमाज़-ए-जुमा भीड़ का हिस्सा न बने शहर मे धारा 144 लागू!!

आम इत्तेला भोपाल: आज बाद नमाज़-ए-जुमा भीड़ का हिस्सा न बने शहर मे धारा 144 लागू!!

आम इत्तेला भोपाल: आज बाद नमाज़-ए-जुमा भीड़ का हिस्सा न बने शहर मे धारा 144 लागू!!

Anam Ibrahim

Journalist 

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ख़ुदा के लिए.... भोपाल को भीड़ के हवाले मत कीजिए!!

शहर-ए-क़ाज़ी की अपील बाद नमाज़-ए-जुमा अमन बनाए रखें!भोपाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ़्तार कर धारा 144 लागू की

क़ौम का कोई भी फ़र्द क़ानून अपने हाथ में न ले! अमन बनाए रखे!! क्योंकि इस्लाम फ़साद नहीं, अमन सिखाता है!!!

         Jansampark Life 

        BBC_OF_INDIA

       

Bhopal/MP: भोपाल के लोगों....

आज अपने ग़ुस्से से पहले अपने शहर को याद करना।

कुछ बदनीयत लोगों ने बजरंग दल का चोला ओढ़ के मज़हबी जज़्बात को ज़ख़्मी कर उस भोपाल के सीने में आग लगाने की कोशिश की है, जिसकी पहचान बरसों से मोहब्बत, लिहाज़ और गंगा-जमुनी तहज़ीब रही है।

लेकिन याद रखिए

जब शहरों में भीड़ फैसले करने लगती है, तब इंसान मरने लगते हैं।

दंगे कभी किसी एक मज़हब का नुकसान नहीं करते!

वे माँओं की गोद उजाड़ते हैं, बच्चों से उनका कल छीन लेते हैं, और गलियों में ऐसा डर छोड़ जाते हैं जो बरसों तक दरवाज़े बंद रखता है।

*Bhopal Police* ने आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है।

शहर में धारा 144 लागू है।

क़ानून अपना काम कर रहा है।

अब इस शहर को आपकी अक़्ल, आपके सब्र और आपकी इंसानियत बचाएगी।

शहर-ए-क़ाज़ी साहब की आजिज़ाना गुज़ारिश है 

बाद नमाज़-ए-जुमा कोई भी नौजवान भीड़ का हिस्सा न बने! अमन बनाए रखे!! क्योंकि जलता हुआ शहर किसी का नहीं होता।

आज के लिए बस इतना ही 

मज़हब नहीं जलते! जलते तो सिर्फ़ इंसान हैं!!

आँख के बदले आँख का रास्ता आख़िर में पूरे शहर को अंधा कर देता है!

भोपाल वालों

आज अगर आप एक कदम पीछे हट गए,

तो यक़ीन मानिए 

आपने सिर्फ़ क़ानून की मदद नहीं की होगी

आपने अपने शहर की रूह बचा ली होगी।

जो भीड़ सियासत के इशारों पर निकलती है, वह अक्सर लौटकर अपने ही शहर का मातम करती है!!!

आइए, इस वक़्त हम नारे नहीं, नर्मी चुनें!!

ग़ुस्सा नहीं, गुफ़्तगू चुनें!!

भीड़ नहीं, होश चुनें!!

क्योंकि आख़िर में बचता वही शहर है,

जहाँ इंसान एक-दूसरे को मज़हब से पहले इंसान समझते हैं।

 अमन बनाए रखें, अफ़वाहों से बचें, और अपने प्यारे भोपाल को मोहब्बत का शहर बनाए रखें।