मध्यप्रदेश में किसान सड़कों पर: “भावांतर दो वरना राजमार्ग रोक देंगे!”
मध्यप्रदेश में किसान सड़कों पर: “भावांतर दो वरना राजमार्ग रोक देंगे!”
मुंबई-आगरा हाईवे पर कांग्रेस का ‘सड़क सत्याग्रह’, खेतों का गुस्सा डामर पर उतरा! सरकार पर वादाखिलाफ़ी के इल्ज़ामों की बरसात!
Anam Ibrahim
Journalist
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BBC_OF_INDIA
Jansampark Life
भोपाल/मध्यप्रदेश:
मध्यप्रदेश में किसानों की नाराज़गी अब खेतों की मेड़ से निकलकर राष्ट्रीय राजमार्गों की छाती पर उतर आई है। गेहूं खरीदी, भावांतर योजना और भुगतान में देरी को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में “किसान चक्का जाम” छेड़ दिया, जिसके बाद कई ज़िलों में सड़कों पर ट्रैक्टर, झंडे और नारे एक साथ दिखाई दिए।
मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस “सड़क सत्याग्रह” ने सियासत में हलचल मचा दी। कहीं किसानों की हुंकार सुनाई दी, तो कहीं घंटों तक जाम में फंसी गाड़ियों ने आंदोलन की गर्मी महसूस की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि किसानों से 2700 रुपये प्रति क्विंटल का वादा किया गया था, मगर खरीदी 2625 रुपये में हो रही है। उनका आरोप है कि समर्थन मूल्य और वास्तविक भुगतान के बीच का फर्क किसानों की जेब पर सीधा वार है।
गुना, ग्वालियर, खलघाट, इंदौर और शाजापुर समेत कई इलाकों से भारी भीड़, ट्रैक्टरों की कतारें और नारेबाज़ी की तस्वीरें सामने आईं। खलघाट में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। वहीं गुना और ग्वालियर में भी किसानों ने “हक़ लेकर रहेंगे” के नारों के साथ आंदोलन को तेज़ किया।
कांग्रेस का कहना है कि ये आंदोलन “जनता को परेशान करने नहीं, बल्कि सरकार को जगाने” के लिए किया गया है। मगर दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इसे सियासी ड्रामा बताकर कांग्रेस पर माहौल भड़काने का इल्ज़ाम लगाती नज़र आ रही है।
फ़िलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है
क्या किसानों का गुस्सा सरकार को झुकाएगा?
या फिर सड़कों पर उतरी ये लड़ाई अब “जेल सत्याग्रह” तक जाएगी?
खैर मध्यप्रदेश की सियासत में आज खेत, किसान और हाईवे तीनों एक साथ सदीद गर्मी मे उबलते दिखाई दिए।
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