भोपाल में अज्ञात’ का राज: हबीबगंज में पैदल लूटेरा, छुरी की नोक पर लूटा हुआ माल जब्त!

भोपाल में अज्ञात’ का राज: हबीबगंज में पैदल लूटेरा, छुरी की नोक पर लूटा हुआ माल जब्त!

भोपाल में अज्ञात’ का राज: हबीबगंज में पैदल लूटेरा, छुरी की नोक पर लूटा हुआ माल जब्त!

Anam Ibrahim 

Journalist 

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गर्दन पर छुरी, शहर के सीने पर दहशत व्यापम चौराहे पर चलती साँसों को लूट ले गया पैदल शिकारी

भीड़, रौशनी और रफ्तार के दरम्यान भी असुरक्षा का साया नशे का आदी हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र अहिरवार गिरफ्तार, CCTV और मुखबिर ने खोला खौफ़नाक राज

      BBC_OF_INDIA

       ख़बर Ps.हबीबगंज से .......

Bhopal/Mp: शहर की रगों में दौड़ती रौशनी, सड़कों पर बहती ट्रैफिक की नदी, और उसी के बीच एक बेखौफ़ बदमाश जो

 इंसान नहीं, इरादा था लूट का, ख़ौफ़ का, और उस भरोसे के कत्ल का, जिसे हम “राजधानी की सुरक्षा” कहते हैं। यह वारदात महज़ एक FIR नहीं, बल्कि उस सिले हुए लबों से डर की चीख़ है जो हर तन्हा राहगीर के दिल में कहीं न कहीं पहले से दबा बैठा है।

बहरहाल थाना हबीबगंज के जुर्मनामा नम्बर 279, दफा 309(4) BNS के तहत दर्ज यह सनसनीखेज लूट की वारदात दहशतज़दा हक़ीक़त के उस काले पन्ने की तरह है जिसे पढ़ते हुए उंगलियां भी काँप जाएं।

03 मई 2026 की रात, तकरीबन 8 बजे व्यापम चौराहा, शिवाजी नगर बस स्टैंड जहां आम दिनों में भीड़, हलचल और स्ट्रीट लाइट्स की चकाचौंध रहती है। उसी भीड़ में वीर सिंह पवार, अपनी मोटरसाइकिल (Honda Livo) रोककर फोन पर बात कर रहा था। एक मामूली कॉल लेकिन उसे क्या पता था कि ये कॉल उसकी ज़िंदगी के सबसे खौफनाक लम्हों का दरवाज़ा खोलने वाली है।

अचानक एक भारी-भरकम शख्स, उम्र करीब 30-32 साल, उसके सामने आकर खड़ा होता है। पहले लहज़ा सख्त, फिर हाथ और फिर गर्दन पर रखी चमकती ठंडी छुरी। वो लम्हा जहां इंसान अपनी सांसों को भी गिरवी रख देता है।

फिर क़्या था अज्ञात लूटेरे ने पहले मारपीट, धमकी और फिर बेरहमी से जेब में हाथ डालकर पर्स छीन लिया। पर्स में रखे 5000 रुपये नगद, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, RC, आयुष्मान कार्ड, पेटीएम डेबिट कार्ड और PNB ATM कार्ड सब कुछ। इतना ही नहीं, हमलावर ने वीर के हाथ से चांदी का ब्रेसलेट (जिस पर 70 अंकित था) भी नोच लिया।

यह कोई आम छीना-झपटी नहीं थी यह शहर की भीड़ में खड़ी बेखौफ़ दरिंदगी थी।

पुलिस की कार्यवाही:

वारदात की खबर जैसे ही थाना हबीबगंज पहुँची, पुलिस हरकत में आई। पुलिस आयुक्त संजय कुमार सिंह और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी के निर्देश पर जोन-01 के पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल और अति. पुलिस उपायुक्त रश्मि अग्रवाल दुबे के मार्गदर्शन में, ACP उमेश तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

CCTV फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी विश्लेषण के सहारे पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली 

जितेंद्र अहिरवार (34 वर्ष), निवासी प्रेमपुरा भदभदा, थाना श्यामला हिल्स।

यह कोई नया नाम नहीं था बल्कि रिकॉर्डशीट पर पहले से दर्ज एक आदतन अपराधी, जिस पर पूर्व में मारपीट, आर्म्स एक्ट, सट्टा और धोखाधड़ी जैसे मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया और लूटा गया पूरा मशरूका नगदी, दस्तावेज और चांदी का ब्रेसलेट बरामद कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में कबूला कि जल्दी पैसे कमाने की चाह ने उसे इस वारदात की तरफ धकेला।

कार्यवाही के ख़ास किरदार 

सराहनीय भूमिका:

इस कार्रवाई में निरीक्षक नीतू कुन्सारिया, उपनिरीक्षक अखिलेश त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक कन्हैयालाल, प्रधान आरक्षक राघवेन्द्र भास्कर, बब्लू त्रिपाठी, आरक्षक रामनरेश, राकेश भारद्वाज, कंचन यादव, अरविंद यादव, महिला आरक्षक अनीता अहिरवार और मोनू सोलंकी की अहम भूमिका रही।

सवाल ये नहीं कि पुलिस ने आरोपी पकड़ा या नहीं

सवाल ये है कि क्या हर बार CCTV, मुखबिर और किस्मत मिलकर आपको बचा पाएंगे?

सड़कें आज भी वही हैं

रोशनी भी वही है

बस फर्क इतना है 

अब हर साया, शक के दायरे में है।

एहतियात (आपके लिए):

तन्हा राहगीरों के लिए यह वारदात एक खुला इशारा है 

सुनसान या आधे अंधेरे में वाहन रोकने से बचें

फोन पर बात करते वक्त आसपास की हर हरकत पर नज़र रखें

कीमती सामान की खुली नुमाइश से परहेज़ करें

कोशिश करें कि आसपास CCTV कवरेज हो

क्योंकि हर कहानी का अंत गिरफ्तारी नहीं होता 

कई कहानियां सिर्फ खामोशी में दफन हो जाती हैं।