थाना पनागर में ‘सूने घर का सर्जिकल स्ट्राइक’ अज्ञात से नामजद बने चेहरे, 5 लाख की चोरी  उजागर!

थाना पनागर में ‘सूने घर का सर्जिकल स्ट्राइक’ अज्ञात से नामजद बने चेहरे, 5 लाख की चोरी  उजागर!

थाना पनागर में ‘सूने घर का सर्जिकल स्ट्राइक’ अज्ञात से नामजद बने चेहरे, 5 लाख की चोरी  उजागर!

Anam Ibrahim 
Journalist007
7771851163

जबलपुर ताले टूटे, सिस्टम सोया पनागर में ‘5 लाख की रात’ और पुराने चेहरों का नया कारनामा 
Repeat Offenders, Recycled Crime: CCTV जागा, मगर निगरानी कब जागेगी?


Jabalpur Police Files Success,मगर सवाल ये गिरफ़्तारी है या ‘Known Criminals’ की हाज़िरी? Crime repeat, policing........!


  #BBC_OF_INDIA
 

#Jabalpur/Mp:
थाना पनागर, जबलपुर जहाँ ताले सिर्फ दरवाज़ों के नहीं टूटे, बल्कि निगरानी के दावों के भी चकनाचूर हो गए।
एक सूना घर, एक सुनियोजित वारदात, और वही पुराने नाम जो कल भी फाइलों में थे, आज फिर headlines में हैं।

अज्ञात चोर अब नामजद हैं मगर क्या ये खुलासा है या सिस्टम का Confession?


रात 27 अप्रैल 2026 की रात गणेश प्रसाद लोधी अपने घर पर ताला लगाकर बेटी के यहाँ जाते हैं।
सुबह लौटते हैं तो दरवाज़े नहीं, पूरा भरोसा टूटा पड़ा मिलता है।

कटे हुए ताले, खुला दरवाज़ा, बिखरा सामान और अलमारी का सीना चीरकर निकाले गए
सोने-चांदी के जेवर, नगदी करीब 5 लाख का माल।

ये कोई “random theft” नहीं थी, ये एक *calculated break-in* था
जिसमें घर नहीं, सुरक्षा के दावों की चाबी घुमाई गई थी।

*Crime Scene से ‘Known Faces’ तक*

पनागर थाना पुलिस ने CCTV, मुखबिर और “तकनीकी साक्ष्य” के सहारे 4 आरोपियों को उठाया

* किशन कुशवाह उर्फ बब्बा
* शिवा कुशवाह
* गुलाम मुस्तफा उर्फ गोपी
* आरिफ अंसारी

माल बरामद Case Closed।

*लेकिन कहानी यहाँ close नहीं, यहीं से expose होती है। Repeat Offenders या System Failure?*

* गुलाम मुस्तफा और आरिफ पहले भी 5.43 करोड़ की ज्वेलरी शॉप नकबजनी  में पकड़े जा चुके।
* किशन कुशवाह 15 संगीन केस, जिनमें हत्या तक शामिल।

यानि
ये Crime नहीं, Crime का rerun है।

जब ये चेहरे पहले से सिस्टम के डेटाबेस में थे,
तो ये फिर “क्राइम सीन” पर कैसे आ गए?

क्या थाना पुलिस की निगरानी छुट्टी पर थी, या अपराधियों की हाज़िरी फाइलों में ही पूरी मान ली गई?

क्योंकि यहाँ ताले हर बार टूटते नहीं
कभी-कभी कानून की पकड़ भी ढीली पड़ जाती है।

वैसे पनागर थाना पुलिस की सतर्कता चौकन्नेपन के चलते  मय मशरूका के साथ अज्ञात चोरो को नामजद हो हो गए

बहरहाल इस मामले मे खुलासे के ख़ास किरदारो की उल्लेखनीय भूमिका:* इन बेखौफ़ शातिर नकबजनो को पकडने में  थाना प्रभारी पनागर  विपिन बिहारी सिंह  के मार्ग निर्देशन मे उप निरीक्षक बृजेश मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह, सहायक उप निरीक्षक राम सनेही, सहायक उप निरीक्षक रजनीश भदौरिया, आरक्षक द्वारका मिश्रा, रत्नेश की सराहनयीय भूमिका रही।