Crime से Care तक: CEIR की अदालत में 82 गुम मोबाइल “बेगुनाह” साबित, जबलपुर पुलिस ने 15 लाख नहीं 82 ज़िंदगियाँ लौटाईं
Anam Ibrahim
Journalist 007
7771851163
ज़िया-उल-हक़ ने यह सजा तो सूना दी थी की चोर के हाथ काट दिए जाएं, लेकिन उसने आधी हदीस पढ़ी थी आधी नहीं पढ़ी.... बाक़ी आधी हदीस यह है की पहले ये यक़ीन कर लिया जाए की उससे पिछली गुज़री रात मे पूरी आबादी मे कोई शख़्स भूखा तो नहीं सोया था अगर एक भी शख़्स भूखा सोया तो हाथ नहीं कटेंगे धर्म मजहब नाम ही तो इंसाफ का है अगर ऐसा न होता तो हमारा देश का इंसाफी मरकज़
भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) की दहलीज पर ये पंचलाइन ना लिखी होती *"यतो धर्मस्ततो जयः"* खैर छोड़ो अनम ख़बर लिखो बात आगे बढ़ाओ न....
*जनसम्पर्क Life*
Crime से Care तक: CEIR की अदालत में 82 गुम मोबाइल “बेगुनाह” साबित, जबलपुर पुलिस ने 15 लाख की नहीं 82 ज़िंदगियाँ लौटाईं
ज़फीर होता तो कहता जुर्म हमेशा इंसान नहीं करता, कभी कभी हालात भी चोर बन जाते हैं।
जबलपुर में मोबाइल गुम होना भी कुछ ऐसा ही जुर्म था बिना हाथ डाले जेब कट गई, बिना चाकू चले दिल जख़्मी हो गया। ग़ालिब ने कहा था दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त, दर्द से भर न आए क्यों..यहाँ दिल मोबाइल के साथ भर आया था।
लेकिन इस Crime Diary का पन्ना आज पलटा।
पुलिस अधीक्षक जबलपुर
सम्पत उपाध्याय (IPS) के हुक्म और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह की निगरानी में Cyber Cell ने वो किया जो आम तौर पर सिस्टम से उम्मीद नहीं की जाती की ख़ुशी बरामद हो ।
9 जनवरी 2026 को CEIR पोर्टल के ज़रिये ट्रैक किए गए 82 गुमशुदा मोबाइल फोन, जिनकी क़ीमत काग़ज़ों में करीब 15 लाख रुपये थी, लेकिन असल में ये 82 घरों की धड़कन थे और इन्हें उनके असली मालिकों को लौटा दिया गया।
यहाँ मोबाइल नहीं, यक़ीन वापस मिला।
हीना की ज़ुबान में कहें तो
जो खो गया था, वो फिर मिला,
चोर हारा, सिस्टम जीते जी जीत गया ।
अगर मैरे उस्ताद होते तो
इस मौक़े पर ज़रूर मुस्कुराते और कहते जब प्रशासन अपना काम ईमानदारी से करे, तो व्यंग्य को छुट्टी मिल जाती है।
और वतन-ए-हिन्द के अब्बा गांधी की छाया इस पूरी कार्रवाई पर साफ़ दिखती है की कमज़ोर की चीज़ लौटाना भी सत्याग्रह ही तो होता है ।
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने साफ़ शब्दों में नागरिकों से अपील की
अगर मोबाइल गुम हो जाए तो किस्मत को दोष मत दो, थाने में शिकायत करो और www.ceir.gov.in
पर रजिस्ट्रेशन कराओ।
Cyber Crime की सूरत में 1930 पर कॉल करो या www.cybercrime.gov.in
पर रिपोर्ट दर्ज कराओ। ज़रूरत पड़े तो Cyber Cell जबलपुर 7701050010 हरक़त में ही रहता है।
Cyber Cell जबलपुर स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्लों में हर माह जागरूकता कार्यक्रम चला रही है, ताकि Digital दुनिया में आम आदमी यूज़र रहे शिकार नहीं।
आख़िर में इतना ही
आज जबलपुर में 82 मोबाइल नहीं मिले,
82 चेहरे मुस्कुराए,
और Crime News ने Rare ख़बर लिखी
जहाँ पुलिस ने सिर्फ़ केस नहीं सुलझाया,
ख़ुशी बरामद की।
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