दिनदहाड़े बैंक डकैती: हेलीकॉप्टर से पहुंचे डीजीपी, डकैतो पर 50 हज़ार के इनाम का एलान
दिनदहाड़े बैंक डकैती: हेलीकॉप्टर से पहुंचे डीजीपी, डकैतो पर 50 हज़ार के इनाम का एलान
Anam Ibrahim
Journalist_007
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डीजीपी कैलाश मकवाणा का हुक्म “बख्शेंगे नहीं” सिंगरौली बैंक में दिनदहाड़े डकैती डालने वालो को
सिंगरौली बैंक डकैती: दिनदहाड़े 20 लाख और करोड़ों के जेवर लूटने वाले दो गिरफ्तार, बाकी अबतक फरार
डीजीपी का 50 हज़ार इनाम, पुलिस का घेरा तेज क्या जल्द पकड़े जाएंगे बाकी हथियारबंद लुटेरे?
बंदूक के साये में बैंक, सहमे लोग और ज़हन में तैरता खौफ सिंगरौली की ये वारदात सिर्फ डकैती नहीं, कानून को खुली चुनौती है।
BBC_OF_INDIA
ख़बर PHQ दफ़्तर से.............
Bhopal/Mp: सिंगरौली 17 अप्रैल को बैढन स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में पांच अज्ञात सशस्त्र बदमाशों ने घुसकर डकैती की पूरी वारदात को अंजाम दिया। पिस्टल और कट्टों से लैस बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को एक जगह बैठाकर उनके मोबाइल छीन लिए और फिर सीधे स्ट्रांग रूम व कैश काउंटर पर धावा बोल दिया।
करीब 20 लाख 20 हजार रुपये नकद के साथ-साथ गोल्ड लोन के एवज में रखे गए करोड़ों के जेवरात भी लूट लिए गए। बहरहाल जाते वक्त बदमाशों ने मारपीट की और बंदूको से गर्म लोहा बगरा फायरिंग कर दहशत फैलाई,साफ था कि मकसद सिर्फ लूट नहीं, खौफ बिठाना भी था।
चुनाँचे मामला गंभीर होते ही डीजीपी कैलाश मकवाणा खुद मौके पर पहुंचे, अधिकारियों के साथ देर रात बैठक कर सख्त निर्देश दिए। सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी, तकनीकी निगरानी और अन्य राज्यों से समन्वय बढ़ाया गया।
पुलिस की कार्रवाई में एक आरोपी को लाखों की नकदी और जेवरात के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है, जिनके बिहार से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
डीजीपी ने फरार आरोपियों पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और साफ कहा है ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
अब बड़ा सवाल क्या पुलिस बाकी लुटेरों तक जल्द पहुंचेगी, या ये वारदात इलाके में लंबे समय तक खौफ की परछाई बनकर रहेगी?
पहले 2 बदमाश अंदर गए, फिर बाकी 3 घुसे
बैंक मैनेजर को बंदूक की बट से मारा, चाबी छीनी
हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाई
सीधे लॉकर सेक्शन में गए यानी पहले से जानकारी थी
बैग में सोना और कैश भरकर बाइक से फरार....
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती
डकैती की गूंज इतनी दूर तक गई कि सत्ता के गलियारों तक सन्नाटा फैल गया। मंत्री से लेकर विधायक, सांसद और खुद डीजीपी तक सिंगरौली दौड़े चले आए बैठकें हुईं, निर्देश दिए गए, और सिस्टम अचानक जागता हुआ नजर आया।
जांच ने अब साफ कर दिया है कि ये कोई लोकल वारदात नहीं थी, बल्कि इंटर-स्टेट गैंग का सुनियोजित खेल था। छत्तीसगढ़ और बिहार पुलिस की मदद से औरंगाबाद से दो बदमाशों की गिरफ्तारी ने इस डकैती के नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।
लेकिन सबसे खौफनाक सच अब भी वही है
लुटेरे सिर्फ बैंक में नहीं घुसे थे,
उन्हें हर कोना, हर लॉकर और यहां तक कि मैनेजर की निजी जानकारी तक मालूम थी।
जब मैनेजर ने चाबी देने में हिचक दिखाई,
तो जवाब में सिर्फ धमकी नहीं मिली
बल्कि उसका घर, उसका शहर और उसकी पहचान तक गिना दी गई।
admin